December 28, 2016

नरेंद्र मोदी की सफलता की कहानी (Biography of Narendar Modi)

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नरेंद्र मोदी की जीवन कथा ( Biography of Narendar modi )
narender modi

आजकल बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सब की जुबान पर सिर्फ मोदी जी का नाम है। मोदी जी इस देश के सबसे लोकप्रिय नेता बन चुके हैं। नरेंद्र मोदी का स्वभाव से बहुत साधारण तथा मजबूत इरादे वाले हैं। वह जनता के हित के लिए अपनी नई-नई योजनाओं से देश को उन्नति की ओर ले जा रहे हैं। नरेंद्र जी ने एक बात कही थी की- "मुझे देश के लिए मरने का मौका तो नही मिला लेकिन मुझे देश के लिए जीने का मौका मिला है।, आज हम आपको मोदी जी के चाय बेचने वाले दिनों से लेकर प्रधान मंत्री बनने तक के सफर के बारे में बताएंगे।

नरेंद्र मोदी का जन्म

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नरेंद्र मोदी का पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है। मोदी का जन्म एक बहुत ही साधारण परिवार में हुआ था लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से असाधारण सफलताएं हासिल की हैं। उनका जन्म 17 सितम्बर में गुजरात के वदनगर मेहसाणा डिसट्रिक में हुआ था। मोदी जी की माता का नाम हीरा बेन और पिता का नाम दामोदर दास मूलचंद है। मोदी जी के पिता बहुत साधारण व्यक्ति थे उनकी 6 संतान थी जिसमें से एक नरेंद्र मोदी हैं। मोदी जी की पढ़ाई में बिल्कुल रुचि नहीं थी लेकिन उनके शिक्षक के अनुसार उनसे वाद विवाद मे कोई मुकाबला नहीं कर सकता था। मोदी जी अपने पिता के काम में भी हाथ बंटाते थे। उनके पिता रेलवे स्टेशन पर टी स्टॉल लगाया करते थे और वे अपने पिता के साथ  रेलगाड़ी में चाय बेचते थे। उनकी माता आस-पड़ोस में बर्तन साफ किया करती थी ताकि अपने बच्चों का पालन पोषण कर सके। मोदी जी को खेलों में बहुत दिलचस्पी थी और वो बचपन से ही बहुत बहादुर थे। एक बार एक मगरमच्छ के बच्चे को घर लेकर आ गए थे। बचपन से ही देशभक्त थे उन्होंने 1962 में भारत -चीन युद्ध के दौरान रेलवे स्टेशन पर जवानो के लिए खाना लिए खाना लेकर जाते थे।

नरेंद्र मोदी ने जब अपना घर छोड़ा।
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नरेंद्र मोदी का विवाह 13 साल की उम्र में जसोबेन नामक कन्या से कराया गया था लेकिन उनकी  विवाह में कभी रुचि नहीं थी। मोदी जी ने 17 साल की उम्र मे अपना घर छोड़ दिया था और अपनी आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत की थी। उन्होंने ऋषिकेश और बंगाल के राम कृष्ण आश्रम और भारत के कई स्थानों की यात्रा की थी। इन स्थानों पर भ्रमण करने के पश्चात वे 2 साल बाद घर लौट आये। जब वे घर लौट रहे थे तो उनका एक ही मकसद था देश की सेवा। वे अपने घर पर सिर्फ 14 दिन ही रुके और फिर अहमदाबाद के लिए निकल पड़े। वहां जाकर उन्होंने (RSS) की सदस्यता ले ली ये एक ऐसा हिन्दू संगठन है जो राष्ट्र के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए काम करता है। वहां 1972 में मोदी जी RSS के प्रचारक बने थे।

जब मोदी जी गुजरात के मुख्य मंत्री बने।
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जब वर्ष 2001 गुजरात में भूकंप आया था। वहां के लोगों को जान-माल की बहुत हानि हुई थी और जनता गुजरात सरकार के राहत और बचाव कार्यों से खुश नहीं थी। भाजपा (BJP) के सभी वरिष्ठ नेताओं की सहमति से नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री चुना गया। उनका गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप मे कार्यकाल 12 साल तक चला था। उन्होंने अपनी एक सफल मुख्यमंत्री की छवि बनाई। उनको 2006 में देश का सर्वश्रेष्ठ मुख्मंत्री का अवार्ड भी मिला था।

जब मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री बने।

वर्ष 2014 में गुजरात में मिली सफलताओं के कारण नरेंद्र मोदी को (BJP) भाजपा ने लोक सभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार चुना था। मोदी जी ने अपने चुनाव प्रचार में रैलियां निकली और सोशल मीडिया से अपनी बात जनता तक पहुंचाई। उनकी बातों में सच्चाई देखकर लोगों ने उन्हें भारी मात्रा में वोट देकर भारत का पन्द्रहवां प्रधानमंत्री बनाया। आजकल उनकी छवि भारत के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री के रूप में बन रही है। इन दिनों उन्होंने कई विकास कार्य किये है और विदेशो की यात्रा करके भारत को विश्व में सबसे सशक्त देश बनाने का काम किया है इसी कारण भारत में विदेशी कम्पनियां ज्यादा निवेश कर रही है। उन्होंने कुछ योजनाओं की भी शुरुआत की है जैसे- जन धन योजना, मेक इन इंडिया, क्लीन इंडिया कैम्पेन, और आजकल नोटबन्दी जिससे काफी लोगों को परेशानी तो हो रही है लेकिन भारत को भरष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ये जरूरी है। हमें विश्वास हैं की वे इस देश को सफलता की नई उचाईयों तक लेके जाएंगे।

नरेंद्र मोदी के कुछ प्रेरक सुविचार

1. डरते वो हैं जो अपनी छवि के लिए मरते हैं, मैं तो हिंदुस्तान की छवि के लिए मरता हूँ, इसीलिए किसी से नहीं डरता हूँ।

2. मेरे जीवन में मिशन (Mission) सबकुछ है, एम्बिशन (Ambition) कुछ भी नहीं … यदि मैं नगर निगम का भी अध्यक्ष होता तो भी उतनी ही मेहनत से काम करता जितना C.M. होते हुए करता हूँ।

3. कड़ी मेहनत कभी थकान नहीं लाती, वह तो संतोष लाती है।

4. जो निरंतर चलते रहते हैं वही बदले में मीठा फल पाते हैं। सूरज की अटलता को देखो – गतिशील और लगातार चलने वाला, कभी ठहरता नहीं, इसलिए बढ़ते चलो।

5. मुझे देश के लिए मरने का कोई अवसर नहीं मिला, लेकिन मुझे देश के लिए जीने का मौका मिला है।

6. एक विचार लो,  उस  विचार  को  अपना जीवन  बना  लो उसके  बारे  में  सोचो  उसके  सपने  देखो, उस  विचार  को  जियो, अपने  मस्तिष्क,  मांसपेशियों,  नसों,  शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो, यही सफल होने का रास्ता है।- स्वामी विवेकानंद

7. अगर 125 करोड़ भारतीय एकता, शांति और सदभाव के मंत्र के साथ कंधे से कंधा मिला कर एक कदम बढ़ाएं तो देश एक बार में 125 करोड़ कदम आगे बढ़ जाएगा।

दोस्तों ये थी नरेंद्र मोदी की सफलता की कहानी हमें आशा है की ये article आपको पसंद आया होगा। आपको ये कहानी कैसी लगी हमें कमेन्ट करके जरूर बताएं।

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धन्यवाद
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